(N/A) आनुवंशिक पदार्थ में होने वाले अचानक और वंशागत परिवर्तन को उत्परिवर्तन (Mutation) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
यह निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:
$(i)$ बिंदु उत्परिवर्तन (Point mutation): इसमें एक एकल क्षार युग्म (base pair) का दूसरे क्षार युग्म द्वारा प्रतिस्थापन होता है। इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण $\beta$-ग्लोबिन श्रृंखला के जीन में एक एकल क्षार युग्म का परिवर्तन है,जिसके परिणामस्वरूप ग्लूटामेट अमीनो एसिड के स्थान पर वैलीन आ जाता है। इससे सिकल सेल एनीमिया (Sickle cell anemia) नामक रोग होता है।
$(ii)$ फ्रेमशिफ्ट उत्परिवर्तन (Frameshift mutation): क्षार युग्मों के निवेशन (Insertion) या विलोपन (Deletion) के कारण आनुवंशिक कूट के रीडिंग फ्रेम में होने वाले परिवर्तन को फ्रेमशिफ्ट उत्परिवर्तन कहते हैं।
$(a)$ निवेशन (Insertion): यदि $DNA$ खंड में एक या अधिक न्यूक्लियोटाइड जोड़े जाते हैं,तो इसे निवेशन कहा जाता है। यदि तीन या तीन के गुणज में क्षार जोड़े जाते हैं,तो रीडिंग फ्रेम नहीं बदलता है,लेकिन नए अमीनो एसिड के साथ एक प्रोटीन बनता है।
$(b)$ विलोपन (Deletion): यदि $DNA$ खंड से एक या अधिक न्यूक्लियोटाइड हटा दिए जाते हैं,तो इसे विलोपन कहा जाता है। इसी प्रकार,यदि तीन या तीन के गुणज में क्षार हटाए जाते हैं,तो पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला से एक या अधिक अमीनो एसिड हट जाते हैं।